जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित P&M हाई-टेक सिटी सेंटर मॉल एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला श्रम विभाग की बड़ी कार्रवाई से जुड़ा है। विभाग ने मॉल प्रबंधन को लगभग ₹1 करोड़ 68 लाख 85 हजार 347 रुपये का बकाया लेबर सेस जमा करने का निर्देश दिया है। श्रम अधीक्षक-सह-सेस असेसमेंट ऑफिसर सत्येंद्र सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह राशि 30 दिनों के भीतर झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण कोष में जमा करनी होगी। साथ ही भुगतान की मूल रसीद विभागीय कार्यालय में प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा में राशि जमा नहीं करने पर प्रति माह 2 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त ब्याज वसूला जाएगा।
जानकारी के अनुसार, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत बड़े निर्माण कार्यों पर कुल निर्माण लागत का 1 प्रतिशत श्रमिक कल्याण के लिए जमा करना अनिवार्य होता है। विभाग ने मॉल के लगभग 6 लाख वर्गफुट निर्मित क्षेत्र के आधार पर यह आकलन किया है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार पत्राचार के बावजूद मॉल प्रबंधन ने निर्माण से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराई, जिसके बाद सरकारी अभिलेखों के आधार पर सेस की राशि तय की गई। बताया जा रहा है कि यह मामला जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के महासचिव राजीव पांडेय की शिकायत के बाद सामने आया, जिसके बाद श्रम विभाग ने कार्रवाई शुरू की। वहीं मॉल प्रबंधन से जुड़े एक अधिकारी ने कहा है कि उन्हें अब तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।