Jamshedpur और उसके आसपास के इलाकों में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुसाबनी के सुरदा में 132/33 केवी और 100 एमवीए क्षमता वाला आधुनिक पावर ग्रिड बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिस पर करीब 32.61 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस महीने इसके चालू होते ही घाटशिला और मुसाबनी क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि अब बिजली आपूर्ति के लिए Damodar Valley Corporation पर निर्भरता खत्म होकर Jharkhand Urja Sancharan Nigam Limited से सीधी आपूर्ति शुरू होगी। दो-दो 50 एमवीए के ट्रांसफार्मरों से लैस यह ग्रिड न केवल 70 मेगावाट बिजली सप्लाई करेगा, बल्कि लंबे समय से चली आ रही कटौती और लो वोल्टेज की समस्या को भी खत्म कर देगा।
करीब छह साल पहले शुरू हुई इस परियोजना के पूरा होने के साथ ही क्षेत्र के लोगों को अब निर्बाध बिजली मिलने की उम्मीद है। सिर्फ सुरदा ही नहीं, बल्कि चौका, सुंदरनगर, चाकुलिया और कांड्रा में भी इसी तरह के पावर ग्रिड तेजी से तैयार किए जा रहे हैं। 400 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं के पूरा होने पर बहरागोड़ा, धालभूमगढ़, जादूगोड़ा और सरायकेला-खरसावां जैसे इलाकों में भी बिजली व्यवस्था मजबूत होगी, जिससे किसानों, उद्योगों और कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस बीच, जमशेदपुर सर्किल में बिजली संकट अब लगभग खत्म हो चुका है और पीक ऑवर में भी पर्याप्त आपूर्ति हो रही है। जहां पहले बाधाएं आ रही थीं, वहीं अब हालात सामान्य हो गए हैं और 350 मेगावाट की जरूरत के मुताबिक बिजली मिल रही है। साथ ही, बिजली विभाग स्मार्ट सिस्टम की ओर बढ़ते हुए तेजी से प्रीपेड मीटर भी लगा रहा है—करीब 80 हजार मीटर लगाए जा चुके हैं और आने वाले समय में तीन लाख तक लगाने का लक्ष्य है। कुल मिलाकर, ये बदलाव न सिर्फ बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाएंगे, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार देंगे।