सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भालूबासा में हुए जानलेवा हमले ने अब एक दर्दनाक मोड़ ले लिया है। कई दिनों से रांची के रिम्स अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे 35 वर्षीय मोहम्मद मुमताज ने शुक्रवार सुबह आखिरकार दम तोड़ दिया। जैसे ही एंबुलेंस से उनका शव मानगो स्थित चेपा पुल पहुंचा, परिवार और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और शव को बीच सड़क पर रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेपा पुल के दोनों ओर सड़क जाम कर दी, जिससे इलाके में यातायात पूरी तरह ठप हो गया और देर रात तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। लोगों की मांग थी कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। परिजनों का आरोप है कि एक आरोपी अब भी फरार है और पुलिस कार्रवाई अधूरी है। स्थिति बिगड़ती देख आजादनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया। पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर थाना ले गई, जबकि सुरक्षा के बीच एंबुलेंस को वहां से हटाया गया। इस मामले में पुलिस पहले ही नामजद आरोपी रोहित मुखी और राजू मुस्खी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। मृतक के छोटे भाई मोहम्मद फैयाज ने बताया कि मुमताज ही परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। पिता मोहम्मद बशीर ठेला चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। मुमताज की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
चेपा पुल पर फूटा गुस्सा, मुमताज की मौत के बाद सड़क जाम
सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भालूबासा में हुए जानलेवा हमले ने अब एक दर्दनाक मोड़ ले लिया है।