बागबेड़ा के ग्वाला पट्टी में रेलवे की जमीन पर बने मकानों को तोड़ने पहुंची टीम को सोमवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर उपेंद्र शर्मा पर उग्र भीड़ ने बांस की फट्ठियों से हमला कर दिया, जबकि उन पर महिलाओं से छेड़खानी का आरोप भी लगाया गया। दरअसल, रेलवे प्रशासन शांति देवी के बजाय मेघा यादव के मकान पर नोटिस देकर कार्रवाई करने पहुंचा था, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश भड़क उठा। लोगों का कहना था कि मकान मेघा यादव का है और बिना उचित जांच व मुआवजे के उसे तोड़ना अन्याय है। मौके पर पहुंचे भाजपा ओबीसी नेता राजकमल यादव ने भी कार्रवाई का विरोध करते हुए जमीन की जांच और निष्पक्ष निर्णय की मांग की। बढ़ते तनाव के बीच मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने स्थिति को देखते हुए अभियान रोकने का फैसला लिया और टीम को बैरंग लौटना पड़ा। अब बस्तीवासियों ने 30 अप्रैल को सांसद कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है, वहीं उन्होंने रेलवे अधिकारियों पर जमीन को गलत तरीके से बेचने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
बाग़बेदा मे रेलवे की करवाई पर बवाल, अधिकारी पर हमला, विरोध के बिच टीम लौटी बैरंग
बागबेड़ा के ग्वाला पट्टी में रेलवे की जमीन पर बने मकानों को तोड़ने पहुंची टीम को सोमवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया